पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मतदान खत्म होने के बाद अब माहौल एग्जिट पोल का है।
लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच शुरुआती एग्जिट पोल के रुझान सामने आ चुके हैं।
इन रुझानों में NDA गठबंधन साफ बढ़त में दिखाई दे रहा है, जबकि महागठबंधन को बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है।
चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार महिला मतदाताओं और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है—और यही बदलाव एग्जिट पोल के आंकड़ों में भी साफ दिख रहा है।
कौन आगे? एग्जिट पोल का पूरा हाल
कई प्रमुख एजेंसियाँ जैसे Axis My India, Today’s Chanakya, CNX, और India News ने अपने-अपने एग्जिट पोल जारी किए हैं।
औसत अनुमान के मुताबिक:
- NDA गठबंधन: 140 – 160 सीटें
- महागठबंधन: 70 – 90 सीटें
- अन्य पार्टियाँ: 8 – 12 सीटें
कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें JAP, AIMIM और BSP जैसी पार्टियाँ गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।
महिला वोटर ने बदला पूरा खेल
एग्जिट पोल्स का एक बड़ा संकेत है — महिला वोटर की लहर।
पहले चरण से लेकर आखिरी तक, महिलाओं की वोटिंग दर पुरुषों से ज्यादा रही।
इसी का फायदा NDA को मिलता दिखाई दे रहा है।
राजनीति विज्ञान के अध्यापकों का मानना है कि:
“महिला वोटर अब सिर्फ सामाजिक योजनाओं से नहीं, बल्कि सुरक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और रोजगार के मुद्दों से वोट देती हैं।”
युवा वोटर भी NDA की तरफ झुके?
बिहार में इस बार 20 लाख से ज्यादा नए मतदाता बने हैं।
इनमें से अधिकांश 18–25 उम्र के युवा हैं।
एग्जिट पोल का दावा है कि युवाओं का झुकाव NDA की ओर दिख रहा है, जबकि महागठबंधन को बेरोज़गारी के मुद्दे पर फायदा मिलने की उम्मीद से कम लाभ मिल रहा है।
किस क्षेत्र में किसकी पकड़ मजबूत?
1. मगध और भोजपुर
यहाँ NDA को अच्छी बढ़त मिलती दिख रही है।
2. मिथिलांचल
महागठबंधन की पारंपरिक पकड़ वाले इलाकों में भी मुकाबला इस बार कड़ा रहा है।
3. सीमांचल
AIMIM और JAP के चलते यहाँ त्रिकोणीय मुकाबला हुआ।
एग्जिट पोल्स के मुताबिक, NDA को उम्मीद से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं।
यह परिणाम क्यों महत्वपूर्ण?
- बिहार में लंबे समय से चल रही JDU-BJP राजनीति का दिशा तय होगा
- तेजस्वी यादव के नेतृत्व के लिए यह परीक्षा है
- केंद्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ेगा
- महिला व युवा मतदाताओं की नई भूमिका राजनीति की सोच बदल सकती है
महागठबंधन का दावा – अभी खेल बाकी है
महागठबंधन के नेताओं ने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि
“वास्तविक नतीजे 3 दिसंबर को सभी को चौंका देंगे।”
RJD ने दावा किया कि उनकी “नौकरी मॉडल” और “युवा कार्ड” से उन्हें अच्छी सीटें मिलेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था और वोटों की गिनती
3 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी।
राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
ECI ने कहा है कि हर काउंटिंग केंद्र पर CCTV मौजूद रहेगा और हर ईवीएम का ट्रैकिंग रिकॉर्ड सुरक्षित है।
एग्जिट पोल का अनुमान — NDA आगे, महागठबंधन संघर्ष में
अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल के औसत आंकड़ों के अनुसार:
- NDA गठबंधन: 135 – 155 सीटें
- महागठबंधन: 80 – 95 सीटें
- अन्य पार्टियाँ: 5 – 12 सीटें
यह अनुमान दिखाता है कि सत्ता की लड़ाई में NDA फिलहाल मजबूत स्थिति में है।
हालांकि कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी बताया जा रहा है।
महिला मतदाताओं की बड़ी भूमिका
इस चुनाव में महिला वोटर ने पूरे चुनाव को नया मोड़ दिया।
पहले चरण से अंतिम चरण तक महिलाओं की वोटिंग दर पुरुषों से ज्यादा रही।
कई जिलों में महिलाओं का वोट प्रतिशत 70% से अधिक रिकॉर्ड किया गया।
राजनीति विशेषज्ञों का कहना है कि:
“महिला मतदाता अब सामाजिक योजनाओं, सुरक्षा, राशन और स्वास्थ्य जैसी चीजों के आधार पर वोट करती हैं — और इस चुनाव में बहुमत उनके फैसले से ही तय होगा।”
युवा मतदाता किसके साथ?
इस चुनाव में लगभग 20 लाख नए युवा मतदाता शामिल हुए।
रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली, और स्कॉलरशिप जैसे मुद्दों ने युवाओं को प्रभावित किया।
एग्जिट पोल का दावा है कि:
- युवाओं का बड़ा हिस्सा NDA के पक्ष में गया
- महागठबंधन को उम्मीद से कम युवा समर्थन मिला
- शहरी इलाकों के युवा — मिश्रित रुझान
यह तथ्य इस चुनाव के परिणाम को काफी प्रभावित कर सकता है।
कौन-कौन सा क्षेत्र NDA के साथ?
मगध और भोजपुर
यहाँ NDA को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है।
JDU और BJP दोनों दलों की पारंपरिक पकड़ मजबूत रही।
मिथिलांचल
यह क्षेत्र सबसे बड़ा चुनावी फैक्टर बनकर उभरा।
यहाँ NDA और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला दिखा।
सीमांचल और कोसी
यहाँ कई जगहों पर त्रिकोणीय मुकाबला हुआ —
AIMIM, JAP, और छोटे क्षेत्रीय दल भी प्रभावी रहे।
लेकिन कुल मिलाकर NDA को उम्मीद से ज़्यादा सीटें मिल सकती हैं।
NDA नेताओं का दावा — “जनता ने विकास के नाम पर वोट दिया”
NDA नेताओं का कहना है कि लोगों ने पिछले वर्षों में हुए कामों को ध्यान में रखकर वोट दिया है।
नीतीश कुमार और बीजेपी नेताओं ने चुनाव अभियान में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी थी।
कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:
“महिला वोटरों का रुझान NDA की जीत में बड़ी भूमिका निभा सकता है।”
महागठबंधन ने कहा — “असल नतीजे चौंकाएँगे”
महागठबंधन ने एग्जिट पोल के सभी आंकड़ों को खारिज कर दिया है।
RJD नेताओं ने दावा किया कि—
“हमारी सीटें 110 के आसपास आएँगी।
एग्जिट पोल पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।”
महागठबंधन का फोकस बेरोज़गारी, शिक्षक भर्ती, कृषि और युवा मुद्दों पर रहा।
3 दिसंबर को होगी वोटों की गिनती
3 दिसंबर की सुबह से पूरे बिहार में काउंटिंग शुरू होगी।
हर काउंटिंग सेंटर पर:
- CCTV निगरानी
- सुरक्षा बल
- मतगणना पर्यवेक्षक
- डिजिटल ट्रैकिंग
तैनात हैं ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
साफ नहीं, लेकिन हवा किस तरफ है…
एग्जिट पोल कई बार सही साबित होते हैं, लेकिन कुछ बार बिल्कुल गलत भी।
फिलहाल रुझान NDA को बढ़त दिखा रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी।
हालांकि इतना स्पष्ट है कि:
- महिला वोटर
- युवा वोटर
- ग्रामीण वोटिंग
ने इस चुनाव का पूरा समीकरण बदल दिया है।
बिहार के मतदाता क्या फैसला देंगे, इसका पता 3 दिसंबर को चलेगा।
निष्कर्ष: असली तस्वीर 3 दिसंबर को
एग्जिट पोल सिर्फ अनुमान होते हैं—कई बार सही, कई बार पूरी तरह गलत।
लेकिन इस बार भारी वोटिंग, महिला वोटर की सक्रियता और युवा ऊर्जा से चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है।
अब असली नतीजे सामने आने में कुछ ही दिन बाकी हैं, और पूरे देश की निगाहें बिहार के जनादेश पर टिकी हैं।
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