चीन-पाकिस्तान के किस फाइटर जेट्स के कितने हादसे हुए हैं? क्यों तेजस का एक झटका बाधा नहीं बन सकता JF-17

On: November 25, 2025 6:56 AM
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तेजस का एक क्रैश क्यों बना बड़ा मुद्दा? जब चीन–पाक के जेट्स गिरने के रिकॉर्ड चौंका देंगे!

दुबई एयरशो में तेजस के क्रैश ने सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया पैदा की. कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह भारत के इस स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए बड़ा झटका है. लेकिन अगर हम पड़ोसी मुल्कों, यानी पाकिस्तान और चीन के फाइटर जेट्स का इतिहास देखें, तो पता चलता है कि हादसों का रिकॉर्ड वहां कहीं ज्यादा बड़ा है.

फर्क सिर्फ इतना है कि वहां के हादसे उतने उजागर नहीं होते जितने भारत में. पाकिस्तान के JF-17, F-16 और मिराज से लेकर चीन के J-10, J-11 और J-15 तक, लगभग हर जेट ने कई गंभीर घटनाएं देखी हैं. फिर भी उनके प्रोग्राम रुके नहीं. ऐसे में तेजस का एक झटका इसकी प्रगति कैसे रोक सकता है?

तेजस का क्रैश क्यों चर्चा में है?

तेजस भारत का स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. 2001 से यह उड़ रहा है और इस दौरान 1200 से ज्यादा टेस्ट फ्लाइट्स हो चुकी हैं. इतने लंबे सफर में तेजस से जुड़े सिर्फ दो हादसे दर्ज हुए हैं. यह किसी भी बड़े फाइटर जेट प्रोग्राम के मुकाबले बेहद मजबूत रिकॉर्ड है.

2025 में दुबई एयरशो में लो-लेवल डेमो के दौरान तेजस के क्रैश होने से एक बहादुर पायलट — विंग कमांडर नमन स्याल — ने अपनी जान गंवाई. देश के लिए यह दुखद घटना है. लेकिन तकनीकी दृष्टि से यह घटना तेजस प्रोग्राम को रोकने वाली नहीं है.

क्योंकि दुनिया का हर बड़ा फाइटर जेट प्रोग्राम शुरुआती दौर में हादसों से गुजरता है. सुधार भी वहीं से शुरू होते हैं।

पाकिस्तान: 20 से ज्यादा हादसे, लेकिन आधे देश को पता भी नहीं चलता

पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) अपने फाइटर जेट्स को लेकर अक्सर बड़े दावे करती है, लेकिन हादसों का रिकॉर्ड छिपाया जाता है. 2000 से अब तक 20 से ज्यादा क्रैश हो चुके हैं. इनमें 10 से ज्यादा पायलट मारे गए.

हादसों की सबसे बड़ी वजह हैं:

  • पुराने इंजन
  • मेंटेनेंस की कमी
  • ट्रेनिंग में गलतियां
  • तकनीकी खराबियां

JF-17: जिस जेट को पाकिस्तान अपनी रीढ़ बताता है, उसके 5 हादसे

पाकिस्तान और चीन ने मिलकर JF-17 थंडर को बनाया था. इसे लेकर PAF काफी गर्व महसूस करता है, लेकिन यह जेट खुद कई बार क्रैश हो चुका है.

1) 2011: टेस्ट फ्लाइट में इंजन फेल हुआ. रूस के RD-93 इंजन में प्रेशर कम हो गया.
2) 2013: हाइड्रोलिक सिस्टम खराब होने से ट्रेनिंग के दौरान गिरा.
3) 2015: पक्षी की टक्कर से इंजन बंद हो गया.
4) 2017: सॉफ्टवेयर बग से फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम फेल.
5) 2024 (ब्लॉक-2): ओवरहीटिंग से इंजन फट गया. पाकिस्तान ने जानकारी छुपाने की कोशिश की.

JF-17 का सबसे बड़ा मुद्दा उसका इंजन है. पाकिस्तान के गर्म, रेगिस्तानी इलाकों में यह जल्दी ओवरहीट हो जाता है.

F-16: अमेरिका का जेट, लेकिन PAF के पास वाले अक्सर क्रैश हुए

पाकिस्तान के पास F-16 की एक बड़ी फ्लीट है. लेकिन 1987 से अब तक इस जेट से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं.

मुख्य क्रैश इस प्रकार हैं:

  • 1987: पक्षी टकराया, पायलट मारा गया.
  • 2000s: तीन हादसे ट्रेनिंग के दौरान — इंजन फेलियर और मिड-एयर टक्कर.
  • 2019: भारत ने दावा किया कि बालाकोट के बाद F-16 गिराया गया.
  • 2020: इस्लामाबाद में परेड रिहर्सल के दौरान क्रैश, विंग कमांडर नौमान अकरम की मौत.
  • 2025: भारत द्वारा F-16 गिराए जाने का दावा (रिपोर्ट्स में उल्लेख).

F-16 दुनिया में भरोसेमंद माना जाता है, लेकिन पाकिस्तान में इनका रखरखाव इतना कमजोर है कि दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं.

मिराज III/5: 60 साल पुराना जेट, फिर भी उड़ रहा है

मिराज जेट PAF में सबसे पुराने जेट्स में से एक है.

  • 2012: इंजन फेलियर के कारण नाइट ट्रेनिंग में क्रैश.
  • 2024: स्ट्रक्चरल क्रैक से गिरा.
  • 2025: भारत के हमले में दो मिराज नष्ट हुए.
  • 2000–2020: सात से ज्यादा अन्य हादसे.

मिराज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसका मटेरियल पुराना हो चुका है. लंबे समय से उड़ाए जाने के कारण इसमें क्रैक और मैकेनिकल फेलियर आम हो गए हैं.

चीन: मॉडर्न दिखता है, लेकिन इंजन की समस्या बड़ी

चीन का PLAAF खुद को दुनिया की सबसे आधुनिक एयरफोर्स में गिनता है. लेकिन इसके जेट्स में इंजन सबसे बड़ी कमजोरी है.

2000 से अब तक 15 से ज्यादा क्रैश दर्ज हो चुके हैं. कई मामलों में पायलटों की मौत भी हुई.

सबसे ज्यादा समस्या WS-10 इंजन की है, जो तकनीकी रूप से अभी भी पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है.

J-10: 4 बड़े हादसे

  • 2016: एरोबेटिक टीम की टक्कर.
  • 2020: पक्षी टकराने से इंजन बंद.
  • 2021-22: इंजन पावर लॉस.
  • 2025: J-10 वैरिएंट क्रैश, मैकेनिकल खराबी.

J-11: 3+ हादसे

  • 2017: इंजन फेलियर, पायलट की मौत.
  • 2016–18: दो अन्य हादसे इंजन टूटने से.
  • 2001: J-8II US प्लेन से टकराया, एक पायलट की मौत.

J-15: 4+ हादसे

  • 2016: दो क्रैश, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम अस्थिर.
  • 2018: लैंडिंग की समस्या से दो हादसे.
  • 2025: इंजन पावर लॉस.

चीन के इंजनों में क्वालिटी कंट्रोल सबसे बड़ा मुद्दा है. कई बार मटेरियल कमजोर होता है, और हाई-स्पीड उड़ान में तापमान इतना बढ़ जाता है कि इंजन जवाब दे देता है. चीन की पूरी इंजन तकनीक अभी भी बड़े पैमाने पर रिवर्स इंजीनियरिंग पर आधारित है, इसलिए समस्याएं ज्यादा दिखती हैं.

अब तेजस को देखें: दुर्घटना सिर्फ 2, प्रदर्शन शानदार

भारत का तेजस कई सालों की मेहनत के बाद तैयार हुआ है. इसका पूरा डिजाइन, सिस्टम और इंटीग्रेशन भारत में विकसित हुआ है. किसी भी देश के लिए यह बड़ी उपलब्धि है.

2024 तक तेजस से जुड़ा सिर्फ एक हादसा रिकॉर्ड हुआ था:

1) 2024 — जैसलमेर क्रैश

सिंगल-इंजन ट्रेनर वेरिएंट एक तकनीकी खराबी से गिरा. ऑयल पंप में खराबी आई थी. पायलट सुरक्षित बच गया.

2) 2025 — दुबई एयरशो क्रैश

डेमो फ्लाइट के दौरान लो-लेवल मैन्यूवर में कंट्रोल लॉस हुआ. विंग कमांडर नमन स्याल ने अपनी जान गंवाई.

जांच अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह घटना बहुत हाई-रिस्क डेमो के दौरान हुई, जो हर देश के एरोबेटिक शो में सामान्य जोखिम का हिस्सा होता है.

तेजस को एक घटना क्यों नहीं रोक सकती?

हादसा दुखद है, लेकिन तकनीकी प्रोग्रामों में ऐसा होना असामान्य नहीं है. इसकी वजहें साफ हैं:

1) दो दशकों में सिर्फ दो क्रैश — यह विश्व स्तर पर बेहतरीन रिकॉर्ड है

JF-17 में 5, F-16 में 100+ वैश्विक दुर्घटनाएं, मिराज और J-10, J-15, J-11 तो इससे भी ज्यादा.

तेजस का रिकॉर्ड उनसे कहीं बेहतर है.

2) तेजस का इंजन GE-F404 दुनिया के सबसे भरोसेमंद इंजनों में एक है

यह वही इंजन है जो कई NATO देशों में इस्तेमाल होता है.

3) HAL ने हर हादसे के बाद तुरंत सुधार किए

2024 के बाद इंजन हेल्थ चेक और स्ट्रेस मॉनिटरिंग बढ़ाई गई.

4) IAF ने फ्लीट को ग्राउंड नहीं किया

इसका मतलब साफ है कि एयरफोर्स को पूरी भरोसा है कि तेजस सुरक्षित है.

5) तेजस Mk1A और Mk2 आने वाले समय में और मजबूत होंगे

AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, बेहतर एवियोनिक्स — ये सब तेजस को दुनिया के टॉप लाइट कॉम्बैट जेट्स में खड़ा कर देंगे.

6) एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है, लेकिन यह अस्थायी होगा

मलेशिया और अर्जेंटीना जैसे देश तेजस में रुचि दिखा चुके हैं. एक हादसा किसी भी बड़े प्रोग्राम के लिए बाधक नहीं होता. जब F-16 जैसे जेट क्रैश के बावजूद 4,600+ की संख्या में उड़ सकते हैं, तो तेजस का भविष्य भी मजबूत है.

नतीजा: तेजस का भविष्य पहले से भी ज्यादा मजबूत

पाकिस्तान और चीन के जेट्स के क्रैश रिकॉर्ड बताते हैं कि फाइटर जेट्स की दुनिया में हादसे असामान्य नहीं. ज्यादातर देश गलतियों से सीखते हैं और प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हैं.

तेजस भी उसी रास्ते पर है.
एक क्रैश भारत के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम को नहीं रोक सकता.
इससे तेजस और मजबूत होकर आगे बढ़ेगा, जैसे दुनिया के हर सफल जेट प्रोग्राम ने किया है.

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Vivek Thakur

Vivek Thakur, Founder of Bihar Career, शिक्षा व करियर गाइडेंस से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी युवाओं तक पहुँचाने वाले passionate blogger हैं।

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